तो दोस्तों हमें उम्मीद है कि रॉबर्ट ग्रीन की बुक 48 Laws of Power का पार्ट -1, 2 और पार्ट -3 आपको बहुत पसंद आया होगा ! तो चलिए शुरू करते हैं 48 Laws of Power के पार्ट -4 से !

Law 37  – सम्मोहन का चश्मा बनाएं

Law No. 37- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

दोस्तों खूबसूरत चीजों को देखना कौन नहीं चाहता खास तौर पर ऐसी चीजें जो बहुत कम देखने को मिलती हैं | खूबसूरत चीज़ें बड़ी तेजी से लोगों को आकर्षित करती हैं और उनके दिलों में भावनाओं का तूफ़ान पैदा करती हैं| Diane de Poitier जो की  फ्रांस के राजा Henri II  की पत्नी थी, उसने अपना नाम Rome  में पूजी जाने वाली शिकार की एक देवी Diana के साथ जोड़ दिया क्योंकि उसका नाम शिकार की देवी के नाम के साथ मिलता जुलता था | ऐसा करना से  रानी ने राजा Henri II के साथ एक बहुत ही करीबी रिश्ता बना लिया | शिकार करना राजा का शौक था | राजा जब भी शिकार करने जाता था तो शिकार की देवी Diana  को याद करता था और साथ ही साथ रानी Diane को भी क्योंकि रानी ने अपना नाम देवी के नाम के साथ जोड़ लिया था | अब लोग रानी का नाम शुद्धता और पवित्रता से लेने लगे जो कि देवी की विशेषताएं थी | लोग रानी Diane को साक्षात् देवी के रूप में देखने लगे जिससे उसे बहुत आदर और सम्मान मिलने लगा और  देवी समझकर लोग उसकी हर बात मानने लगे | इस तरह वह लोगों की नजरों में और राजा की नजरों में पहले से ज्यादा शक्तिशाली बन गई | तो दोस्तों आपने देखा कि किस तरह  शक्तिशाली बनने के लिए फ्रांस की रानी ने लोगों को सम्मोहन का चश्मा पहनाया | इस Law का रॉबर्ट ग्रीन ने हमें एक और उदाहरण  Berlin के Dr. Weisleder का दिया है जिन्होंने  अपने मरीज़ो की बीमारियों को चांद की रोशनी से ठीक किया था | अब आप सोच रहे होंगे कि चांद की रोशनी से भला कोई बीमारी  कैसे ठीक हो सकती है | क्योंकि Weisleder एक डॉक्टर थे इसलिए लोगों ने उनकी बातों  पर बिना कुछ सोचे समझे यकीन किया | Dr. Weisleder के उदाहरण से हमें पता चलता है कि लोगों को यकीन दिलाने के लिए हमेशा तर्क वितर्क की जरूरत नहीं होती | लोग उन बातों पर यकीन करते हैं जो पलक झपकते ही उनकी भावनाओं को जगा दे | दोस्तों अगर आप सम्मोहित करने की कला को सीख लें  तो आप जो चाहे लोगों से करवा सकते हैं तथा शक्तिशाली और कामयाब बन सकते हैं |

Law 38 – आप जैसे चाहे सोचे पर दूसरों की तरह व्यवहार करें

Law No. 38- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

Law 38 कहता है अगर आप आज के जमाने के साथ नहीं चलेंगे और लोगों को अपने परंपरागत विचार बताएंगे तो उन्हें लगेगा कि आप सिर्फ उनका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं | ऐसा करने पर लोग आपके विचारों से सहमत नहीं होंगे और वे आप को नुकसान पहुंचा सकते हैं | इसलिए सुरक्षित तरीका यही है कि आप लोगों से वही कहें जो वह सुनना चाहते हैं और उन्हें वही दिखाएं जो वह देखना चाहते हैं | अपने विचार सिर्फ उन लोगों को बताएं जो उन में विश्वास करते हैं | इस Law का उदाहरण है एक Dominican साधु और दार्शनिक Tomasso Campanella जो  स्वर्ग और नरक में यकीन नहीं करता था | 16वीं शताब्दी में यूरोप में ऐसा करना पाप माना जाता था इसलिए Campanella  को जेल में डाल दिया गया और उसे यातनाएं दी गई | जब उसे मौत की सजा होने वाली थी तो उसने छल कपट का इस्तेमाल किया | उसने पागलपन का नाटक किया जिसे देखते हुए उसे मौत की सजा देने की बजाय उम्र कैद की सजा दी गई | जेल में रहते हुए उसने  बाहर आने की एक तरकीब बनाई | Campanella ने जेल में एक किताब लिखी The Hispanic Monarchy  जो की ठीक  उसकी सोच और विचारों के विरुद्ध थी | इससे वहां के अधिकारियों को लगा कि वह रुढ़िवादी और परंपरागत बन चुका है |  Campanella की तरकीब काम आई और उसे जेल से रिहा कर दिया गया | जेल से रिहा होने के बाद Campanella ने एक और किताब लिखी Atheism Conquered जिसमें उसने अपने असली  विचारों के बारे में लोगों को बताया जिसका विरोध Catholicism द्वारा किया गया | इस बार  Campanella को कोई खतरा नहीं था क्योंकि यह किताब चर्च जाने वालों के पक्ष में थी इसलिए उसने इस किताब में खुलकर अपने विचारों को पेश किया | यह उदाहरण हमें बताता है कि धोखा देने की कला कितनी शक्तिशाली हो सकती है | जैसे एक गिरगिट इर्द गिर्द के वातावरण के हिसाब से अपना रंग बदलता है और सही मौका देखकर अपने शिकार पर आक्रमण करता है  उसी तरह शक्तिशाली बनने के लिए यह जरूरी है कि आप अपने आसपास के माहौल में ढल कर रहे | दोस्तों यह law हमें बताता है कि ऐसे विचारों को प्रकट करने का कोई फायदा नहीं है  जो हमारे लिए खतरा पैदा कर दें |   ऐसे विचारों को दबाकर रखने में ही समझदारी है |

Law 39 – मछली पकड़ने के लिए पानी में हड़कंप मचाएं

Law No. 39- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

दोस्तों Law 39 कहता है कि गुस्सा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है | इसलिए हमें सदा शांत रहना चाहिए |  कुछ लोगों को गुस्सा बहुत जल्दी आता है, वो किसी के भी उकसाने पर बहुत जल्दी भड़क जाते हैं | दोस्तों यहां मछली का अभिप्राय आपके प्रतियोगियों और दुश्मनों से है और पानी का मतलब आपके प्रतियोगियों की भावनाएं हैं | अगर आप अपने दुश्मन को उकसा कर या गुस्सा दिला कर खुद शांत रह सकते हैं तो आप उस का फायदा उठा सकते हैं | 19वीं शताब्दी में जब Napolean हारने की कगार पर था तो उसके विदेश मंत्री Talleyrand ने उसके खिलाफ एक साज़िश रची जो बाद में Napolean के पतन का कारण बनी | एक बैठक के दौरान Napolean ने उन लोगों के बारे में बोलना शुरू किया जो उसके खिलाफ साज़िश रच रहे थे | Napolean ने ऐसे लोगों के खिलाफ बहुत कुछ बोला |  वह अप्रत्यक्ष रुप से यह सब Talleyrand को सुना रहा था  लेकिन Talleyrand ऐसे बैठे रहे जैसे उन्हें इन बातों से कोई फर्क ही नहीं पड़ता | यह सब देखकर Napolean गुस्से से भर गया और Talleyrand पर चिल्लाने लगा | नेपोलियन ने सीधे-सीधे Talleyrand को गुस्सा दिखाकर अपनी कमज़ोरी ज़ाहिर कर दी | दोस्तों जब आपका दुश्मन बहुत गुस्से में हो ऐसे हालात में शांत रहना ही सबसे अच्छी तरकीब है | ये Law हमें बताता है कि जब पानी स्थिर  होता है यानी आप का दुश्मन शांत होता है तो उसके पास योजना बनाने के लिए और आक्रमण करने के लिए समय होता है और वह अपने नियंत्रण में रहता है, यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है | दोस्तों आप दुश्मन को कदम उठाने के लिए उकसाए वह भी उस समय जब वह लड़ने के लिए तैयार ना हो | ऐसा करने से वह निश्चित तौर पर गलत कदम उठाएगा और उसका फायदा आपको होगा | दुश्मन की ऐसी भावनाओं को जगाएं जिन पर उसका नियंत्रण ना हो जैसे कि प्यार, गर्व, घमंड और क्रोध क्योंकि ऐसा करने से वह कोई ना कोई गलत कदम उठाएगा और निश्चित तौर पर अंत में जीत आपकी ही होगी |

Law 40 – मुफ्त में मिलने वाली चीजों का तिरस्कार करें

Law No. 40- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

दोस्तों मुफ्त में मिलने वाली कोई भी चीज खतरनाक  होती है | जब कोई आपको मुफ्त में कुछ देने की कोशिश करता है तो इसके पीछे उसकी कोई गुप्त तरकीब या गुप्त उद्देशय हो सकता  है | अगर कोई आपको मुफ्त उपहार देता है तो आप उसके कर्ज़ के नीचे दब जाते हैं| आप तोहफा देने वाले व्यक्ति के सामने छोटे नजर आते हैं और आप उन्हें किसी कार्य के लिए मना नहीं कर सकते | इटली के मशहूर लेखक  Pietro Aretino जानते थे की इटली के राजा  Marquis of Mantua का दिल जीतने और उससे सहायता  लेने के लिए  यह जरूरी है  कि वह अपनी बेकरारी को छुपा कर रखें | उसने राजा Marquis के लिए एक कविता लिखी और उसे मुफ्त में तोहफे के तौर पर दे दी | ऐसा करने से वह सिर्फ राजा के नियंत्रण से मुक्त ही नहीं हुए  बल्कि उन्हें वह सहायता मिली जो वह राजा से लेना चाहते थे | तो दोस्तों उदाहरण में आपने देखा कि जब कोई व्यक्ति हमें मुफ्त में कोई तोहफा देता है तो वह उसके बदले में हमसे कुछ न कुछ ज़रूर चाहता है | ऐसा प्रत्येक व्यक्ति में स्वाभाविक तौर पर होता है | आप तोहफा देने वाले व्यक्ति के एहसान तले दब जाते हैं और वह व्यक्ति अप्रत्यक्ष रूप से उस एहसान के बदले में आपसे कुछ ना कुछ मांगेगा | अगर कोई व्यक्ति आपको मुफ्त में कुछ देता है तो आप उसकी कीमत अदा करें |  ऐसा करने से आप तोहफा देने वाले के एहसान से बचे रहेंगे और आप उन्हें किसी कार्य के लिए मना भी कर सकते हैं |  शक्तिशाली लोग दूसरों से प्रभावित नहीं होते बल्कि उन्हें प्रभावित करते हैं | अगर आप अपने दोस्तों के साथ बाहर जाते हैं तो उनका खर्च कराने की बजाय आप खुद उनके लिए पैसे खर्च करें | ऐसा करने से आप स्वतंत्र और नियंत्रण में रहेंगे और किसी के एहसान से बचे रहेंगे | अगर आप लोगों के एहसान और नियंत्रण से बचना चाहते हैं तो उनसे कोई भी चीज मुफ्त में ना लें  बल्कि अपनी तरफ से आप जो दे सकते हैं उन्हें दे | दोस्तों अगर आप जीवन में स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो इस Law का पालन करना अच्छी तरह सीख ले |

Law 41 – कामयाब लोगों की राह पर न चले – अपना रास्ता खुद बनाये

Law No. 41- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

दोस्तों Law 41 में Robert Green कहते हैं कि कामयाब लोगों के बच्चों को उनसे दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है | अगर आपके पूर्वज या माता-पिता बहुत कामयाब लोगों में से एक हैं तो आपको उनसे कहीं अधिक मेहनत करनी पड़ेगी उतनी कामयाबी हासिल करने के लिए | अगर आपके व्यवसाय में आपका पूर्वाधिकारी बहुत अच्छा काम करता था  तो आपसे यह उम्मीद की जाएगी कि आप उससे ज्यादा अच्छा काम करें | दोस्तों यह अक्सर देखने को मिलता है कि अगर कोई बहुत महान इंसान का बेटा अपने बलबूते पर कुछ नहीं करता तो वह अपने पिता की परछाइयों में खो जाता है |  लोग उसे उस महान इंसान यानी उसके पिता के नाम से जानते हैं ना कि उसके अपने नाम से | कई बार तो पिता अपने बेटे से यह उम्मीद रखता है कि वह उसी के कार्यक्षेत्र में काम करें और उसके जितना ही नाम कमाएं |  इस Law का उदाहरण है 18वी शताब्दी का  Prussia का  राजा Frederick the Great जिसके पिता उसे  किताबें पढ़ने और कलात्मक तथा वैज्ञानिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए मना करते थे और ऐसा करने पर वो उसे  मारते थे | उसके पिता एक महान योद्धा थे जो सैनिकों को ट्रेनिंग देते थे और Frederick से भी यही उम्मीद करते थे वो एक महान योद्धा बने | बाद में Frederick, Prussia का एक महान राजा बना और उसने उन सभी चीजों को सीख लिया जो उसके पिता  ने  उसे बताई थी | Frederick ने उन सभी तथ्यों का इस्तेमाल किया जो उसने उन किताबों में पढ़कर सीखे थे  जिन्हें पढ़ना उनके पिता के मुताबिक समय का दुरुपयोग करना था | उसने अपने पिता से सीखी हुई सभी बातों का उपयोग किया जिन पर अमल करके वह Prussia को यूरोप का सबसे महान राजनीतिक और सांस्कृतिक देश बनाने में कामयाब हुआ | दोस्तों यह Law  कहता है  कामयाब होने के लिए यह ज़रूरी नहीं है कि आप अपने पुरखों के बनाए हुए रास्ते पर चलें  या उन्हीं के कार्य क्षेत्र में काम करें | आप के माता पिता और समाज आप से यही उम्मीद रखते है | शक्तिशाली बनने के लिए ज़रूरी है आप अपने कार्य क्षेत्र में काम करें और अपनी एक अलग पहचान बनाए |

Law 42 – डगरिये पर आक्रमण करें – भेड़ें अपने आप बिखर जाएँगी

Law No. 42- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

Law 42 कहता है की गडरिये पर आक्रमण करें – भेड़ें अपने आप बिखर जाएँगी | यहां गडरिये का अभिप्राय नेता से है और भेड़ों का अभिप्राय लोगों से है | दोस्तों हर समाजिक संप्रदाय का कोई ना कोई नेता जरूर होता है जो सम्प्रदाय के लोगों का नेतृत्व करता है | यहां तक की विद्यालयों, उच्च विद्यालयों और  विश्वविद्यालयों में भी विद्यार्थी संघ होते हैं और विद्यार्थियों का नेता होता है |  नेता लोग बाकी लोगों पर अपना अच्छा प्रभाव होने की वजह से शोहरत कमाते  हैं और नेता बनते हैं | Law 42 कहता है कि किसी भी संप्रदाय के लोगों पर अपना प्रभाव बनाने के लिए या उन पर राज करने के लिए  सबसे पहले उनके नेता को निशाना बनाएं | Spanish colonization से पहले Filipino संप्रदायों की देखरेख धार्मिक नेता करते थे जो कि babaylans थे | यह धार्मिक नेता जादूगर, आरोग्य साधक और दार्शनिक थे  | Babaylans की शोहरत और प्रभाव इतना अधिक था कि शुरू के Spanish colonizers जोकि फिलीपींस  में Catholicism फैलाने की कोशिश कर रहे थे, उन्होंने सबसे पहले babaylans को अपना निशाना बनाया | Babaylans ने  Catholicism अपना लिया और बिना कुछ सोचे समझे बाकी लोगों ने भी ऐसा ही किया |  Babaylans जो करते थे वही बाकी लोग मानते थे इसलिए देखते ही देखते हैं फिलीपींस में ज्यादातर लोगों ने polytheism को छोड़कर Catholicism अपना लिया | दोस्तों यहां आपने  इस उदाहरण में देखा कि किस तरह Spanish colonizers ने Babaylans को अपना निशाना बनाया और उनका इस्तेमाल Catholicism फ़ैलाने के लिए किया | Spanish लोग  यह जानते थे कि फिलीपींस के आम लोगों को Catholic बनाने के लिए उनके नेताओं को निशाना बनाना होगा | इस Law का इस्तेमाल प्राचीन काल में बहुत से राजा महाराजाओं ने दूसरे राजाओं पर नियंत्रण करने के लिए किया था | यह  Law कहता है कि प्रजा अपने राजा के बिना कुछ भी नहीं होती इसलिए  यदि राजा को प्रभावित कर लिया जाए तो प्रजा अपने आप आपके नियंत्रण में आ जाएगी |

Law 43 – लोगों के दिल और दिमाग को नियंत्रित करें

Law No. 43- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

Law 43 कहता है कि प्रोत्साहन और प्रलोभन किसी जंग को जीतने का सबसे अच्छा तरीका है | अगर आप किसी पर  शक्ति  का उपयोग करके जीतते  हैं तो उनकी नाराज़गी समय के साथ नफरत का रुप ले लेती है और आप का उन पर कोई नियंत्रण नहीं रहता | आपको लोगों को अपने रास्ते पर लाने के लिए उन्हें बहकाना होगा | जिस व्यक्ति को आप बहकाते हैं वह आपका एक वफादार मोहरा बन जाता है | दोस्तों लोगों को बहकाने  के लिए आपको उनके मनोविज्ञान और कमजोरियों का पता होना चाहिए  | लोगों को बहकाने के लिए आपको उनकी भावनाओं पर काम करना होगा | इस law  का सीधा-सीधा उदाहरण भारत में देखने को मिलता है जैसे कि अंग्रेजी संस्कृति ने भारत के लोगों को प्रभावित किया  और  भारतीयों ने अंग्रेजी संस्कृति को अपना लिया | आज भारतीय लोग अपनी संस्कृति को भूल चुके हैं और अंग्रेजी संस्कृति को पूरी तरह अपना चुके हैं |  भारत के लोग अंग्रेजी भाषा का प्रयोग करते हैं अंग्रेजी वेशभूषा पहनते हैं अंग्रेजी फिल्में देखते हैं अंग्रेजी खाना खाते हैं और विदेशी कंपनियों के बनाए हुए सामान का इस्तेमाल करते हैं | और ऐसा सिर्फ भारत के लोगों के साथ ही नहीं हुआ  बल्कि बहुत से  विदेशी लोग भी भारतीय संस्कृति अपना चुके हैं | ऐसे बहुत से विदेशी लोग हैं जो भारतीय वेशभूषा पहनते हैं भारतीय खाना खाते हैं,  भारतीय योग करते हैं और पूरी तरह भारतीय संस्कृति को अपना चुके हैं | दोस्तों कहने का तात्पर्य यह है कि भारतीय लोग विदेशी संस्कृति से प्रभावित हैं और विदेशी लोग भारतीय संस्कृति से| दोनों उदाहरणों में प्रोत्साहन और प्रलोभन का बहुत बड़ा योगदान है | अंग्रेजों ने कभी भारत के लोगों को उनकी संस्कृति अपनाने को नहीं कहा बल्कि उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय लोगों को बहकाया है क्योंकि ब्रिटिश राज्यकाल  के दौरान वे भारतीय लोगों की  मानसिकता और कमजोरियों को जान गए थे | Law 43 कहता है कि हमें अपने शत्रुओं और  प्रतियोगियों को जीतने के लिए प्रोत्साहन और  प्रलोभन का इस्तेमाल करना चाहिए | ऐसा करने से आप लोगों की दिल और दिमाग को नियंत्रित कर पाएंगे और  उनसे जो चाहे वो काम करवा सकेंगे |

Law 44 – आईने के प्रभाव से दुश्मन को वश में करें

Law No. 44- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

दोस्तों Law 44 कहता है की आइना सच्चाई दिखता  है और धोखा देने में भी काम आता है | आइना दुश्मन को धोखा देने के लिए एक उत्तम हथियार है | जब आप भी वही करते है जो आपके दुश्मन करते है तो वो आपकी योजना को नहीं समझ पाते | आईने का प्रभाव उन्हें अपमानित करता है और वो उस पर अत्यधिक प्रतिक्रिया करते हैं | Marie Mancini जो कि अपनी बहनो में से सबसे कम सुन्दर थीं, राजा Louis 14 का दिल जीतने में कामयाब हुई | उसने ध्यान से  राजा की हर छोटी बड़ी बात का निरीक्षण किया,  और यह भी समझ लिया कि राजा की किन कार्यों में दिलचस्पी है |  Mancini खुद भी उन्हीं कार्यों में दिलचस्पी लेने लगी | ऐसा करने से उसे  राजा के साथ ज़्यादा समय बिताने और लंबी बातें करने का मौका मिला | राजा Louis 14 के शौक और विचारों की नक़ल करने से Mancini उसे मोहित करने में और उसका दिल जीतने में कामयाब हुई | तो दोस्तों उदाहरण में आपने देखा की आईने का प्रभाव या नकल करना कितना उपयोगी हो सकता है | अब मैं यहां आपको आईने का प्रभाव या नकल करने के बारे में कुछ बातें बताऊंगा | अपने प्रतियोगियों के कार्यों की नकल करें  यानी आप भी वही करें जो आपके प्रतियोगी करते हैं |  आपके ऐसा करने से वह परेशान हो जाएंगे और आपके इरादों को नहीं समझ पाएंगे | जब आप उनके कार्यों, उनके मनोभाव और उनके दिखावे की नकल करेंगे तो वह आप की असलियत को नहीं समझ पाएंगे | कोई भी व्यक्ति अपने जैसे इंसान की तरफ आकर्षित होता है | जब आप अपने प्रतियोगियों को उनके गुण व्यवहार और विचार अपने अंदर दिखाएंगे तो वह आप से संपर्क करने और आपके करीब आने की कोशिश करेंगे | लोगों की शख्सियत की नकल करने से  उन्हें  अपनी ओर आकर्षित करने का मौका मिलता है | Marie Mancini ने राजा Louis 14 का दिल  जीतने के लिए ठीक ऐसा ही किया था | दोस्तों शक्तिशाली बनने के लिए यह जरूरी है कि आप लोगों का ध्यान पूर्वक निरीक्षण करने और उनकी शख्सियत की नकल करने की कला को सीख ले |

Law 45 – परिवर्तन की शिक्षा दें लेकिन तत्काल सुधार ना करें

Law No. 45- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

Law 45 कहता है की हर  व्यक्ति परिवर्तन की आवश्यकता को समझता है लेकिन मनुष्य आदतों के गुलाम होते हैं | बहुत अधिक परिवर्तन  या तुरंत होने वाले परिवर्तन को लोग तुरंत स्वीकार नहीं करते | लोगों को अपनी सोच बदलने में या किसी भी नई चीज को स्वीकार करने में समय लगता है | 16वीं शताब्दी में England  के राजा Henry VIII ने दूसरी शादी करने का फैसला किया क्योंकि उसकी रानी Catherine of Aragon बेटा पैदा करने में असमर्थ थी | Catholic  चर्च ने उसके तलाक़ की योजना का विरोध किया और कहा कि यदि उसने दूसरी शादी की तो वे उसे समाज से बहिष्कृत कर देंगे | Thomas Cromwell जो कि एक वकील था, उसने राजा को दूसरी शादी करने के लिए एक तरकीब बताई | उसने राजा से कहा  कि अगर वह Roman Catholic चर्च के साथ अपने संबंध कठोर कर ले और खुद इंग्लैंड में अपने चर्च का मुखिया  बन जाए तो वह जैसे चाहे शादी कर सकता है | राजा ने  वैसा ही किया और इस एकाएक परिवर्तन ने  पूरे देश में उथल पुथल मचा दी | लोगों ने राजा का विरोध किया और उसे Catholic संस्कारों और पुराने रीति रिवाज़ों को पुनः स्थापित करने के लिए ज़ोर दिया | राजा Henry VIII इस आकस्मिक परिवर्तन का आह्वान करने में असमर्थ रहा | ज्यादातर लोगों को हर रोज एक ही तरह के काम करना अच्छा लगता है क्योंकि जब कोई व्यक्ति रोज एक काम करता है तो उसे उसकी आदत  पड़ जाती है और उसे वह काम आसान  लगता है | दूसरी तरफ किसी भी नए काम या रीति-रिवाज को स्वीकार करने में लोगों को कष्ट महसूस होता है | इसलिए एकाएक होने वाले परिवर्तन का लोग हमेशा विरोध करते हैं  और अगर परिवर्तन बहुत बड़ा हो तो लोग क्रान्ति भी कर सकते हैं | अगर आप किसी ऐसी जगह पर काम करते हैं जहां आप पर बहुत से लोगों की ज़िम्मेदारी है तो सबसे पहले कार्य करने के वर्तमान तरीकों को अपनाएँ | अगर आप कोई बदलाव करना चाहते हैं वह सबसे पहले लोगों के विचारों का निरीक्षण करें, उनकी भावनाओं को समझें और फिर उनके सामने बदलाव का प्रस्ताव रखें | ऐसा करने से आप किसी भी तरह के विरोध से बचे रहेंगे और लोग धीरे-धीरे आपके बदलाव को स्वीकार कर लेंगे |

Law 46 – कभी ज़्यादा संपन्न ना दिखाई दे

Law No. 46- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

दोस्तों दूसरों से बेहतर दिखना खतरनाक हो सकता है लेकिन और भी खतरनाक है बिना गलती के किसी कार्य में संपन्न होना | आपका संपन्न होना लोगों में ईर्ष्या पैदा करता  है जो आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है | संपन्न होने से आपके बहुत से दुश्मन पैदा हो जाते हैं  जो आपके लिए  ईर्ष्या की भावना रखते हैं और आपको कभी भी नुकसान पहुंचा सकते हैं | उदाहरण के तौर पर Sir Walter Raleigh जो कि Queen Elizabeth’s के सबसे फेवरेट थे, सभी पहलुओं में संपन्न थे | दोस्तों पैसा तो कोई भी कमा सकता है लेकिन Raleigh की बुद्धिमता और संपन्नता के कारण उनकी एक अलग पहचान थी |  उनकी संपन्नता और शक्ति के कारण उनके प्रतियोगी हमेशा उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करते थे | Raleigh पर राजद्रोह का इलज़ाम लगाया गया और उन्हें पहले  उम्रकैद और फिर मौत की सजा सुनाई गई | दोस्तों Raleigh तो सभी क्षेत्रों के स्वामी थे विज्ञान में , व्यापार में, कविताओं में और रोज़मर्रा की जिंदगी में, तो फिर उनसे गलती कहां हुई ? उनका अधिक संपन्न दिखना ही उनकी सबसे बड़ी गलती थी | Raleigh को  लगता था  की संपूर्ण दिखने से उनके बहुत से दोस्त बनेंगे  लेकिन  असल में उनकी संपन्नता के कारण उनके बहुत सारे गुप्त दुश्मन बन गए | इस  मामले में उनका भोलापन ही उनके पतन का कारण बना और वे अपने दुश्मनों की ईर्ष्या के शिकार हो गए  | तो दोस्तों इस उदाहरण से हमें पता चलता है कि जितने हम जीवन में कामयाब होते हैं और अपने कार्य क्षेत्र में संपन्न होते हैं उतने ही हमारे गुप्त दुश्मन पैदा होते हैं | यह दुश्मन आप के ऑफिस में आपके आस पड़ोस में, आपके रिश्तेदारों में या आपके समाज में कहीं भी हो सकते हैं | इस Law से हमें यह पता चलता है शक्तिशाली बनने के लिए संपन्न होना जरूरी है लेकिन अपनी संपन्नता को लोगों के सामने ज्यादा भी ना दिखाएं नहीं तो आपकी संपन्नता आपके  रास्तों में मुश्किलें खड़ी कर सकती है | दोस्तों शक्तिशाली और कामयाब लोग अपनी संपन्नता का ज्यादा दिखावा नहीं करते और हमेशा अपने प्रतियोगियों पर नजर रखते हैं |  ऐसा करने से वह कामयाब बने रहते हैं और प्रतियोगियों के हमले से भी बचे रहते हैं |

Law 47 – अपनी जीत के लक्ष्य से ज़्यादा आगे न जाएँ

Law No. 47- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

दोस्तों जीत की घड़ी अक्सर जोखिम की घड़ी होती है | जीत की खुशी में आपकी उद्दंडता और आपका आत्मविश्वास आपको ज़्यादा आगे बढ़ने पर मजबूर कर देता है | आपके लगातार आगे बढ़ते रहने  से आपके बहुत से नए दुश्मन बन जाते हैं | लक्ष्य हासिल करने के बाद सही समय पर रुकना जरुरी है | उदाहरण के तौर पर 17वीं शताब्दी मे फ्रांस के राजा Louis 14  के  फाइनेंस मिनिस्टर  Nikola Fouquet ने राजा  को बहुत अच्छी सेवाएं दीं  जिसके कारण  राजा ने  उसे वित्तीय सेवाओं का अधीक्षक बना दिया | यह लक्ष्य हासिल करने के बाद भी Nikola Fouquet रुका नहीं और उसने राजा को अपनी कामयाबी और रुतबा दिखाने के लिए  एक बहुत शानदार पार्टी आयोजित की जिस पर उसने बहुत अधिक खर्च किया |  ज़्यादा आगे बढ़ना ही उसके पतन का कारण बना और उसे सरकारी ख़ज़ाना ज्यादा खर्च करने के जुर्म में जेल में डाल दिया गया | तो दोस्तों  उदाहरण में आपने देखा कि किस तरह अपनी कामयाबी और उद्दंडता का दिखावा करने के कारण Nikola Fouquet को जेल में जाना पड़ा | इतिहास में ऐसे बहुत से उदाहरण हैं जब जीत हासिल करने के बाद भी आगे बढ़ते रहने से बहुत से राजा महाराजाओं का  पतन हुआ | दोस्तों जीत हासिल करने के बाद आपको विराम लेना चाहिए और सावधानी से अगले लक्ष्य की योजना बनानी चाहिए | कामयाब होने के लिए जरूरी है आप एक लक्ष्य हासिल करने के बाद विराम ले, लोगों और अपने प्रतियोगियों की प्रतिक्रिया को समझें | इस बात के लिए तैयार रहे कि कामयाब होने के बाद आपके प्रतियोगी आपके  खिलाफ कोई ना कोई योजना ज़रूर बनाएँगे | शक्तिशाली लोग हमेशा एक योजना से काम नहीं करते वे परिस्थितियों के हिसाब से अपनी योजनाओं को बदलते रहते हैं और लगातार अपने आप को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं | ऐसा करने से उनके प्रतियोगी उनकी योजनाओं को नहीं समझ पाते और वे अपना अगला लक्ष्य हासिल करने में कामयाब होते हैं |

Law 48 – निराकार बन कर रहें

Law No. 48- 48 Laws of Power - Animated Book Summary in Hindi Part - 4

दोस्तों Law 48 कहता है कि हमेशा लोगों की नज़रों में रहने से आप ज्यादा खतरे में रहते हैं | संसार में कोई भी जीव अपने आकार से पहचाना जाता है | दोस्तों  मैं आपको बताना चाहूंगा कि यहां बात शारीरिक आकार की नहीं हो रही | यहाँ आकार का अभिप्राय हमारे  रहन सहन  से है जिससे हम अपने आप को समाज के सामने प्रदर्शित करते हैं | मनुष्य अपनी भावनाओं को अपनी भाषा अपने रहन सहन और अपने रीति रिवाज़ों के माध्यम से प्रदर्शित करता है | उदाहरण के तौर पर  हमारी भाषा, हमारा पहनावा,  हमारा रहन सहन सब कुछ आकार हैं | दोस्तों यह दुनिया खतरनाक है इसलिए समय के साथ साथ मनुष्य अपना आकार बदलता रहता है | प्रत्येक व्यक्ति जीवित रहने के लिए और अपने बचाव के लिए किसी ना किसी प्रणाली या व्यवस्था को अपनाता है | जो व्यक्ति समय के साथ अपने रहन सहन को नहीं बदलता वह  एक ना एक दिन दुश्मन द्वारा मारा जाता है |  उदाहरण के तौर पर  Spartans जो कि इतिहास के सबसे महान योद्धा थे Athens से जंग में हार गए थे क्योंकि उन्होंने सही समय पर अपने आप को परिस्थितियों के अनुसार नहीं ढाला | उन्होंने नए राज्यों पर आक्रमण करना छोड़ दिया था | दूसरी तरफ Athens  जंग की तैयारी कर रहे थे और उन्होंने Spartans पर आक्रमण कर दिया  जिसके लिए Spartans तैयार नहीं थे और वो हार गए | दोस्तों उदाहरण में आपने देखा की Spartans का अपने आप को परिस्थितियों के लिए तैयार ना करना ही उनकी हार का कारण था | जैसे की इतिहास के महान Martial Artist ब्रूस ली  ने कहा था कि हमें पानी की तरह निराकार होना चाहिए | जिस तरह पानी बर्तन का आकार ले लेता है उस तरह व्यक्ति को परिस्थितियों के अनुसार आकार ले लेना चाहिए | निराकार व्यक्ति सदा अपने आपको परिस्थितियों के अनुसार ढाल  लेता है  जिससे वह आने वाले खतरों से बचा रहता है | दोस्तों अगर आप शक्तिशाली बनना चाहते हैं तो आपको एक ही योजना के अनुसार कभी नहीं चलना चाहिए | आपको समय  और परिस्थितियों के अनुसार अपनी योजनाओं को बदलते रहना  चाहिए |  ऐसा करने से आप  दुश्मनों की योजनाओं को जान पाएंगे और उनसे लड़ने के लिए अपने आप को तैयार कर पाएंगे | कामयाब और शक्तिशाली बनने के लिए यह जरूरी है कि आप निराकार बनना सीखें |

तो दोस्तों मुझे उम्मीद हैं की आपको रोबर्ट ग्रीन के इन laws  से कुछ सीखने को ज़रूर मिला होगा और हमें उम्मीद है की आगे भी आपके लिए कुछ ऐसे ही videos  ला सकें।