दोस्तों पिछली वीडियो में मैंने आपको इस किताब के पहले PART की SUMMARY  बताई जिसमे हमने कामयाब लोगों की कुछ अच्छी आदतों के बारे में बात की | आज इसी किताब के दूसरे वीडियो को लेकर में आपके साथ हूँ जिसमे में आपको बताऊंगा कामयाब लोगों की आगे की कुछ आदतें , जिन्हे आप अपने जीवन में अपना कर अपना जीवन भी बेहतर बना सकते हैं | मुझे पूरी उम्मीद है कि 7 HABITS OF HIGHLY EFFECTIVE PEOPLE  बुक सीरीज का पहला PART आपने जरूर देखा होगा और आपको बहुत पसंद आया होगा | इसी बुक के दूसरे PART के इस वीडियो में मैं आपको बाकी की 3 HABITS के बारे में बताऊंगा जिनसे आप बहुत ज्यादा प्रभावशाली व्यक्तित्व के मालिक बन सकते हैं इस बुक के पिछले पाठ की समाप्ति के समय मैंने चौथी हैबिट के बारे में बात की थी जो कि थिंक विन विन है  अगर आपने अभी तक इस बुक का पहला वीडियो नहीं देखा तो आप डिस्क्रिप्शन में दिए हुए लिंक पर जाकर या ऊपर आई बटन पर क्लिक करके उसे देख सकते हैं | इस दूसरे पाठ के वीडियो कि हम शुरुआत में बात करेंगे चौथी habit को कैसे अमल में लाया जा सकता है ताकि आप सफलता प्राप्त कर सकें तो चलिए शुरुआत करते हैं चौथी हैबिट को किस तरह से प्रैक्टिस करें|

Habit 5 – Seek First to Understand, Then To Be Understood

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इससे पहले कि हम किसी को मशवरा दे हमें उसे समस्याओं का समाधान बताना चाहिए | हमें दूसरे व्यक्ति के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए, उसकी बात को ध्यान से सुनना चाहिए और उसे समझने की कोशिश करनी चाहिए | जरा सोचिए कि आप एक आंखों के डॉक्टर के पास जाते हैं और उससे कहते हैं कि आपको ठीक से दिखाई नहीं देता | अगर आंखों का डॉक्टर अपना चश्मा उतार कर आपको दे और आपसे कहें कि यह  लो इसे मैं सालों से इस्तेमाल कर रहा हूं और मुझे बिल्कुल ठीक दिखाई देता है, इसलिए तुम इसे अपनी आंखों पर लगा कर देखो | जब आप डॉक्टर का चश्मा अपने आंखों पर लगाते हैं तो आपको सब कुछ और भी धुंधला दिखाई देता है | डॉक्टर ने आपकी समस्या को ठीक से समझा नहीं और जो उसे ठीक लगा वही आपको करने को कहा | उसने अपना चश्मा आपको अपनी आंखों पर लगाने को कहा | मुझे उम्मीद है कि आप उस डॉक्टर के पास दोबारा नहीं जाएंगे |

हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों के साथ  कुछ ऐसा ही करते हैं | जिस तरह डॉक्टर ने आपकी समस्या को ठीक से नहीं समझा हम भी लोगों की बात को ध्यान से नहीं सुनते और पूरी तरह समझने की कोशिश नहीं करते |  जो बात हमें अपने जीवन में ठीक लगती है वही हम दूसरों को बताते हैं और उन्हें वही करने को कहते हैं | हम उनकी समस्या को ठीक से समझने से पहले ही उन्हें उसका समाधान बताते हैं |

Habit 5 कहती है कि हमें दूसरों को समझने की कोशिश करनी चाहिए और ऐसा करने के लिए हमें दूसरों की बात सुनने की आदत डालनी पड़ेगी | Stephen Covey कैसे हैं कि आपने अपने जीवन के कई वर्ष  पढ़ना और लिखना सीखने में लगा दिए, कई वर्ष आपने बोलना सीखने में लगा दिए लेकिन फिर भी आपने दूसरों की बात सुनना नहीं सीखा |

आप किसी एक तकनीक का इस्तेमाल करके दूसरों को नहीं समझ सकते | अगर सामने वाले को पता चल गया की आप उससे जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं तो वह आपसे बात करने में सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे और आपको अपने बारे में खुलकर नहीं बताएँगे |

ज्यादातर समय में हम लोग  यह चाहते हैं कि सामने वाला हमारी बात को समझे, और हम दूसरों की बात उन्हें जवाब देने के लिए सुनते हैं समझने के लिए नहीं | दूसरों की समस्याओं को समझने के लिए हमें अपनी सोच को थोड़ा बदलना होगा |

Empathic Listening : Empathic Listening का मतलब है दूसरों की समस्याओं को बौद्धिक और भावनात्मक  स्तर पर समझने के लिए सुनना | लेखक Stephen Covey कहते हैं कि
1) 10% बातचीत हमारे शब्दों से होती है |
2)  30% बातचीत हमारी आवाज से होती है |
3)  60% बातचीत हमारी शारीरिक भाषा से होती है |

जब हम दूसरों की बात अपने दृष्टिकोण से सुनते हैं तो हम कुछ इस तरह से प्रतिक्रिया करते हैं |

  1. Evaluate: हम  सामने वाले व्यक्ति की बात  या तो सहमत होते हैं या नहीं होते |
  2. Probe: हम दूसरे की दृष्टिकोणसे नहीं बल्कि अपने दृष्टिकोण से सवाल पूछते हैं |
  3. Advise: हम  जीवन में अपने तजुर्बे के मुताबिक दूसरों को सलाह देते हैं |
  4. Interpret: हम सामने वाले व्यक्ति के उद्देश्य और व्यवहार को अपने उद्देश्यों और व्यवहार के मुताबिक समझने की कोशिश करते हैं |

अगर हम इस प्रकार की प्रतिक्रियाएं करने की बजाय दूसरों की बात को ध्यान से सुनेंगे और उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करेंगे तो निश्चित तौर पर हमारे बातचीत करने के तरीके में सुधार आएगा | अपने आप को इस तरह से बदलने के लिए हमें Empathic Listening का अभ्यास करना होगा | Empathic Listening आपके लिए Win Win परिस्थितियां बनाने में भी बहुत काम आएगी | Empathic Listening का अभ्यास करने में आपको थोड़ा समय तो लगेगा लेकिन इतना नहीं जितना कि लोगों के साथ आपकी गलतफहमियां और अनसुलझी समस्याओं को सुलझाने में  लगता है |

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जब हम सामने वाले व्यक्ति की जरूरतों और समस्याओं को समझने के बाद उनके सामने अपने विचार रखते हैं तो उनकी नजरों में हमारे विचारों की  विश्वसनीयता अपने आप बढ़ जाती है |

Practice Success Habit 5:

तब मैं आपको बताऊंगा कि आप कैसे अपने  अंदर Habit 5 यानि दूसरों को समझने की आदत विकसित कर सकते हैं |

1 अगली बार जब आप दो व्यक्तियों को बातचीत  करते हुए देखे, तो आप उन्हें अपने कान बंद करके देखें | आप ध्यान से देखिए कि वह दोनों व्यक्ति अपनी कौन सी भावनाओं को व्यक्त कर रहे हैं जो कि केवल शब्दों के प्रयोग से  व्यक्त नहीं हो सकती | आप देखिए कि क्या उनमें से एक व्यक्ति बातचीत करने में ज्यादा दिलचस्पी लेता है और दूसरा कम ? आपको जो भी दिखाई दे और समझ आए उन सभी बातों को एक काग़ज़ पर लिखे |

  1. अगली बार आप जहां भी Presentation दें यानी अपना प्रदर्शन दिखाएं दो लोगों की भावनाओं पर चोट करें |  अपने प्रदर्शन की शुरूआत में लोगों के दृष्टिकोण के बारे में विस्तार से बताएं | लोग किन समस्याओं का सामना कर रहे हैं ? जो बातें आप हमें बता रहे हैं वह किस तरह उनकी समस्याओं  का समाधान करेंगी ?

Habit 6 – Synergize

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फ्रेंड्स हमारे और दूसरे लोगों के दृष्टिकोण में बहुत अंतर होता है |  जब हम अपने और दूसरों के दृष्टिकोण के अंतर को समझते हैं और उसे वैल्यू देते हैं  तो ऐसा करना हमें दूसरे लोगों के साथ तालमेल बनाने में मदद करता है | कामयाब लोगों की बाकी आदतों को समझना  हमें Habit 6 के लिए तैयार करता है जो कि दूसरों से तालमेल बनाने की आदत है | दूसरों के साथ तालमेल बनाने से हमारे सामने बहुत से नए रास्ते और नई संभावनाएं खुलती हैं | तालमेल बनाना हमें सामूहिक तौर पर पुराने विचारों को त्यागने और नए विचारों को अपनाने में मदद करता है |

फ्रेंड्स आइए देखते हैं कि हम किसी भी परिस्थिति में यहां किसी भी तरह के माहौल में  किस तरह से तालमेल बना सकते हैं | इसके लिए हमें पहले Habit 4 और Habit 5 को सीखना होगा | हमें win win  परिस्थितियां बनानी होंगी और दूसरे लोगों की जरूरतों और समस्याओं को समझना होगा | Habit 4 और Habit 5 को पूरी तरह सीखने के बाद ही हम  Habit 6 अमल में ला सकते हैं यानी दूसरों से तालमेल बना सकते हैं |

तालमेल  बनाने का मतलब है कि अपने और दूसरे लोगों के बीच में मानसिक और भावनात्मक अंतर का आदर करना | जब दो  व्यक्तियों का आपस में सही तालमेल होता है तो दोनों जो चाहते हैं वह होता है और आपस में दोनों का रिश्ता अच्छा बना रहता है |

Stephen Covey कहते हैं कि अलग-अलग लोग इस दुनिया को अपने अपने नजरिए से देखते हैं | दुनिया सबको एक जैसी नहीं दिखाई देती, दुनिया उन्हें वैसी ही दिखाई देती है जैसे वह खुद होते हैं |

फ्रेंड्स चलिए मैं आपको बताता हूं कि दूसरे लोगों के साथ तालमेल बनाने के क्या फायदे हैं |

  1. तालमेल बनाने से हम अपने और लोगों के दृष्टिकोण के बीच में अंतर का सम्मान करते हैं |
  2. हम नकारात्मक ऊर्जा से बचे रहते हैं और दूसरों में अच्छाइयों को देखते हैं |
  3.  हम ऐसी परिस्थितियों में भी अपना साहस बनाए रखते हैं जिसमें लोग एक दूसरे पर निर्भर रहते हैं और दूसरों को भी साहस बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं
  4. हमारी रचनात्मकता बढ़ जाती है और हम समस्याओं का ऐसा समाधान ढूंढते हैं जो सबके लिए फायदेमंद हो |

Practice Success Habit 6

दोस्तों अब मैं आपको बताऊंगा कि आप Habit 6 को कैसे अमल में ला सकते हैं |

  1. ऐसे लोगों की लिस्ट बनाएं जो आपको हमेशा परेशान करते हैं | अब उनमें से एक किसी एक व्यक्ति को चुनिए और  देखिएकी उसका दृष्टिकोण आप के दृष्टिकोण से किस तरह अलग है | अपने आप को उस व्यक्ति की जगह पर रखकर देखें | सोचिए कि अगर आप उस व्यक्ति की जगह पर होते तो  कैसा महसूस करते | ऐसा करने से आप उस व्यक्ति को एक बेहतर तरीके से समझ पाएंगे | अगली बार जब आप किसी व्यक्ति से सहमत ना हो तो उनकी समस्या को समझने की कोशिश करें और यह देखें कि वह आपके साथ सहमत क्यों नहीं है |
  2. ऐसे लोगों की भी लिस्ट बनाएं जिनके साथ आप के रिश्ते बहुत अच्छे हैं और जो आपके साथ सहमत होते हैं | अब उनमें से किसी एक व्यक्ति को चुने और किसी ऐसी परिस्थिति को याद करें जब आपने और उसने कोई काम एक साथ किया हो और  उसके साथ आपका तालमेल बहुत अच्छा रहा हो | अब देखें कि आपके और उसके बीच में अच्छे तालमेल का क्या कारण था | आपको कारण और वैसी परिस्थितियां दोबारा कैसे बना सकते हैं | आप उन लोगों के साथ तालमेल कैसे बना सकते हैं जो आपके साथ सहमत नहीं होते |

Habit 7 – Sharpen The Saw

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प्रभावशाली बनने के लिए हमें अपना समय अपने आप को और भी बेहतर बनाने के लिए लगाना चाहिए | हमें अपने आप को शारीरिक रूप से,  आध्यात्मिक रूप से, मानसिक रूप से और सामाजिक रुप से बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए | अपने आप को बेहतर बनाने से और अपना नवीकरण करने से  हमारी पहले बताई हुई हर एक Habit को अमल में लाने की काबिलियत बढ़ जाती है | Habit 7 हमारे नवीकरण पर आधारित है क्योंकि जब हम अपना नवीकरण करेंगे सभी Habits को फॉलो कर पाएंगे |

हमारे मानव प्रकृति के चार आयाम होते हैं | शारीरिक, अध्यात्मिक,  मानसिक, और सामाजिक आयाम | हमें हर एक आयाम का नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए |

Physical Dimension यानी शारीरिक आयाम – हमें अपने शरीर को लगातार बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए जिससे कि हम ज्यादा काम कर सकें,  परिस्थितियों के अनुसार अपने आप को ढाल सकें और अपने जीवन का आनंद उठा सकें | अपने आप को शारीरिक रूप से बेहतर बनाने के लिए हमें  पौष्टिक भोजन करना चाहिए, नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए क्योंकि व्यायाम करने से शरीर पुष्ट और शक्तिशाली बनता है | हमें अपने शरीर को आराम भी देना चाहिए  जिससे वह अपनी रोज़ खर्च होने वाली ऊर्जा को दोबारा जुटा सके |

Spiritual Dimension यानी आध्यात्मिक आयाम – आध्यात्मिक आयाम का मतलब है अपने आप को जानना | अपने ऊपर और अपने जीवन पर नियंत्रण रखना | जब हम खुद को एक बेहतर तरीके से जानते हैं तभी हम दूसरों को भी जान सकते हैं | अपने आपको आध्यात्मिक तौर पर बेहतर बनाने के लिए हमें रोज़ ध्यान लगाना चाहिए, कुदरत को समझना चाहिए और अपने आपको साहित्य या संगीत के साथ जोड़ना चाहिए |

Mental Dimension यानी मानसिक आयाम – अपनी मानसिक सेहत को  नवीनतम बनाने का कारण है अपनी मानसिकता को लगातार बढ़ाना | अपने आप को मानसिक तौर पर नवीनतम बनाने के लिए हमें अच्छा साहित्य पढ़ना चाहिए, अपने विचारों और तजुर्बों को एक डायरी में नोट करना चाहिए, मीडिया से  और नकारात्मक खबरों से दूर रहना चाहिए, इंटरनेट और टेलीविजन पर केवल वही प्रोग्राम देखने चाहिए जो हमारे जीवन और मानसिकता को बेहतर बनाते हैं |

Social/Emotional Dimension यानी सामाजिक और भावनात्मक आयाम – अपने आपको सामाजिक तौर पर बेहतर बनाने का कारण है दूसरे लोगों के साथ बेहतर और सार्थक रिश्ते बनाना | सामाजिक तौर पर अपने आप को नवीनतम बनाने के लिए हमें दूसरे लोगों को गहराई से  समझना चाहिए, ऐसे कार्यों में योगदान देना चाहिए जो दूसरों की जिंदगी को बेहतर बनाते हैं | हमें अपनी प्रचुरता वाली मानसिकता बनानी चाहिए और दूसरों को कामयाब होने के लिए उनकी मदद करनी चाहिए |

जब हम इन चारों आयामों को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे तो हम  दूसरे लोगों को भी अच्छा रास्ता दिखा सकते हैं | इसके लिए हमें दूसरे लोगों में विश्वास करना होगा, उनकी समस्याओं को ध्यान से समझना होगा और उन्हें सतर्क रहने के लिए करना होगा |

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इन 7 हैबिट्स की खासियत यह है कि किसी भी एक हैबिट को प्रेक्टिस करने से बाकी सभी हैबिट्स को फॉलो करने की काबिलियत  बढ़ती है |

Practice Success Habit 7

Habit 7 को आप इस तरह से फॉलो कर सकते हैं |

  1. उन सभी गतिविधियों की एक लिस्ट बनाएं जो आपके चारों आयामों को नवीनतम बनाने में आपकी मदद  करेंगी | प्रत्येक आयाम के लिए एक गतिविधि चुने और उसे फॉलो करना अगले एक सप्ताह का लक्ष्य बनाएं | सप्ताह खत्म होने पर अपनी गतिविधि के प्रदर्शन का निरीक्षण करें |  अपने लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब होने का या असफल होने का क्या कारण है |
  2. प्रत्येक सप्ताह में चारों आयामों को बेहतर बनाने के लिए एक गतिविधि लिखें, उसे फॉलो करने की कमिटमेंट करें और सप्ताह के अंत में अपने प्रदर्शन का निरीक्षण जरूर करें  |

FRIENDS  इस VIDEO में मैंने आपको HABIT 4 t 5  ,6 और 7 को अमल में लाने के तरीके बताएं हैं |  मुझे उम्मीद है कि आप इन सभी HABITS को अमल में लाने की प्रैक्टिस करेंगे और अपने जीवन को बेहतर बनाएंगे|  तो इसी के साथ हमारा यह वीडियो समाप्त होता है | मैं जल्दी ही आपके लिए अपने चैनल का अगला वीडियो लेकर आऊंगा | हमारे चैनल को SUBSCRIBE कीजिये और अगर आप किसी किताब की SUMMARY सुनना चाहते हैं तो हमें जरूर बताइये | आपका समय शुभ हो |