Don’t criticize condemn or complain – if you want to gather honey, don’t kick over the beehive

अगर आप शहद इकट्ठा करना चाहते है तो मधुमक्खी के छत्ते को ना छेड़े | इस कथन का अभिप्राय है कि दूसरों की आलोचना करना व्यर्थ है | जब आप दूसरों की आलोचना करते हैं तो उनकी नजरों में आप का आदर और सम्मान कम हो जाता है | Dale Carnegie कहते हैं की हमें दूसरों की आलोचना और शिकायत करने की बजाय यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि दूसरे लोग जैसे भी है वैसे क्यों है | मनुष्य का स्वभाव है कि उसे आलोचना करना और शिकायत करना अच्छा लगता है | यही कारण है आपके आसपास के ज्यादातर लोग दूसरों के बारे में शिकायत करते रहते हैं | कामयाब लोगों के आस-पास भी ऐसे बहुत से लोग होते हैं जो उन्हें अच्छे नहीं लगते लेकिन वह कभी उनके बारे में शिकायत नहीं करते, उनकी इसी आदत के कारण उन्हें लोगों का समर्थन मिलता है और वे जीवन में सफल होते हैं | अगर आप अच्छे दोस्त बनाना चाहते हैं तो अपनी शिकायत करने की और आलोचना करने की आदत को आज ही छोड़ दे |

Give honest and sincere appreciation – the big secret of dealing with people

दोस्तों इस दुनिया में हर व्यक्ति चाहता है कि वह जहां भी जाए लोग उसे Importance दे | Importance यानी महत्व | हर व्यक्ति में महत्वपूर्ण और बड़ा बनने की इच्छा होती है जिसे पूरा करना उसके लिए मुश्किल होता है | अगर आपको यह पता चल जाए कि लोगों को महत्व कैसे देना है तो आप लोगों से मेल-जोल करने और उन्हें प्रभावित करने की कला को सीख जाएंगे | लोगों का स्वभाव होता है कि जो उन्हें अच्छा नहीं लगता वह उसकी आलोचना करते हैं और अपनी ग़लतियों को लोगों से छुपा कर रखते हैं | अगर आपको लोगों की तारीफ करने में दिक्कत आती है तो Ralph Waldo Emerson की इस सलाह को ध्यान से सुनें | Ralph Waldo Emerson कहते हैं कि दुनिया में हर व्यक्ति कुछ-न-कुछ ऐसा जानता है जो आप नहीं जानते | आप प्रत्येक व्यक्ति से कुछ ऐसा सीखने की कोशिश करें जो वह जानता है लेकिन आप नहीं जानते | आपके ऐसा करने से आपको उसकी सराहना करने का मौका मिलेगा और वह महत्वपूर्ण महसूस करेगा | दोस्तों मैं आपको दूसरों की झूठी तारीफ करने को नहीं कह रहा | आपको सिर्फ मौका मिलने पर लोगों की अच्छी बातों के लिए उनकी तारीफ करनी है |

 

Arouse in the other person and eager want

दोस्तों जब आप मछली पकड़ने जाते हैं तो मछली के चारे में वह चीज नहीं डालते जो आप खुद खाना पसंद करते हैं, आप हुक में वह चीज डालते हैं जिसको मछली खाना पसंद करती है | लेकिन लोगों से बातचीत करते वक्त हम वही बात करते हैं जो हमें पसंद होती है जो कि सीधा सीधा अपने समय और कोशिश को बर्बाद करना है | हमें सामाजिक मेलजोल में यह देखना चाहिए कि सामने वाला व्यक्ति क्या चाहता है और उनके दृष्टिकोण के मुताबिक ही बातचीत करनी चाहिए | उन्हें बताएं कि आप उन्हें वह चीज कैसे दिला सकते हैं जो वह चाहते हैं | जैसे कि Henry Ford ने कहा था कि सफलता का एकमात्र रहस्य तो दूसरे व्यक्ति के नज़रिए को जानने और चीजों को उसी नज़रिए से देखने की काबिलियत में है | ज्यादातर लोग किसी से बातचीत करते समय अपनी इच्छाओं और ज़रूरतों के बारे में बात करते हैं | Dale Carnegie कहते हैं जो व्यक्ति बिना स्वार्थ के दूसरों को सेवाएं देता है वह ज़रूर सफल होता है और उसके लिए Competation भी ना-मात्र सी होती है |